गुरु पूर्णिमा स्पेशल.... 🌺
गुरु पूर्णिमा स्पेशल.... 🌺
अषाढ़ शुक्ल चतुर्दशी शुक्रवार सुबह 10:45 मिनट तक चतुर्थदशी तिथि हैं बाद में पूर्णिमा तिथि है इसलियें ज्योतिषशास्त्र और पंचाग के अनुसार तारीख़ 23.7.2021 शुक्रवार गुरु पूर्णिमा मनाई जाऐगी।
गुरु पूर्णिमा व्यास पूर्णिमा
आषाढ़ शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा गुरु पूर्णिमा या व्यास पूर्णिमा कहलाती है। प्राचीन काल में विद्यार्थी जब गुरुकुलों में निशुल्क शिक्षा-दीक्षा प्राप्त करते थे इसलिए इस दिन गुरु पूजन होता है। प्रात:काल स्नानादि नित्य कर्मों से निवृत्त होकर गुरु के पास जाना चाहिए तथा उन्हें उच्चासन पर बैठाकर माल्यार्पण करना चाहिए। यथाशक्ति द्रव्य, फल, पुष्प, वस्त्र आदि दान करना चाहिए। इससे गुरु कृपा से विद्या आती है।
गुरू ब्रह्मा गुरू विष्णु, गुरु देवो महेश्वरा,
गुरु साक्षात् परब्रह्म, तस्मै श्री गुरुवे नमः।
इस श्लोक का अर्थ है कि गुरु ही ब्रह्मा हैं, गुरु ही विष्णु हैं और गुरु ही भगवान शिव शंभू हैं। गुरु ही साक्षात् परमब्रह्म हैं। ऐसे गुरु को मैं प्रणाम करता हूं। भारत में गुरु को आदिकाल से ही ईश्वर का दर्जा प्राप्त है। वे हमें ज्ञान रूपी प्रकाश से आलोकित करते हैं, हमारे अज्ञान रूपी अंधकार को दूर करते हैं। अच्छे और बुरे में फर्क करना बताने हैं, जीवन के मूलभूत सिद्धातों से परिचित कराते हैं। गुरु के महत्ता को ध्यान में रखते हुए हर वर्ष आषाढ़ मास की पूर्णिमा तिथि को गुरु पूर्णिमा का पर्व मनाया जाता है। आषाढ़ पूर्णिमा को वेद व्यास जी का जन्म हुआ था। उन्होंने वेदों का ज्ञान दिया और पुराणों की रचना की। उनके सम्मान में गुरु पूर्णिमा मनाई जाती है।
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